आपने ब्लॉग बनाया क्या - मेरा लेख राग-दिल्ली पत्रिका में

अपने इस ब्लॉग पर तो में ब्लॉगिंग के फ़ायदों, ब्लॉग बनाने के सरल तरीकों तथा संबंधित विषयों पर लिखता रहता हूँ. इस बार हिंदी में लेख लिखा है राग-दिल्ली वेब पत्रिका के लिए. चाहें तो इस लिंक या नीचे दिए चित्र पर क्लिक करके वहां पहुँच सकते हैं. 

संक्षेप में, हर उम्र के लोग कई तरह से ब्लॉगिंग से लाभ प्राप्त कर  रहे हैं - ज़रूरी नहीं कि लाभ धन दे रूप में हो. ब्लॉगिंग बच्चों में रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती है तो वयस्कों को अपने व्यवसाय या पेशे को आगे बढ़ाने में सहायक होती है और बूढ़ों को एक नया प्लेटफार्म देती है जिसमें सक्रिय रहकर वो नई पीढ़ी के साथ अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और अपना समय अर्थपूर्ण तरीके से बिता सकते हैं. लाखों ब्लॉगर इस विधा से धनोपार्जन कर लेते हैं, जिनमें से कई तो ऐसे भी हैं जिन्होंने अच्छी खासी नौकरी छोड़कर ब्लॉगिंग को अपनाया है. 

राग-दिल्ली वेब पत्रिका के नाम से आप शायद परिचित नहीं होंगे, क्योंकि यह एक नई पत्रिका है. अभी टीम छोटी है इसलिए बहुत सारे लेख नहीं हैं, लेकिन आप अगर इस पत्रिका पर एक नज़र मार कर देखेंगे तो पाएंगे कि पत्रिका का बौद्धिक स्तर हिंदी की कई नामी वेब पत्रिकाओं से अच्छा है. मीडिया में करीब तीस वर्षों तक सक्रिय रहे विद्या भूषण अरोरा इसे सम्पादित करते हैं. सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर उनकी खासी पकड़ है. 


why should you do blogging





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